जहानाबाद — रेड क्रॉस सोसायटी भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली स॑स्था है, जहां गरीबों एवं ब॑चितो की सहायता के लिए बनाया गया है।
लेकिन यहां तो देखा गया कि रेड क्रॉस सोसायटी को जो एम्बुलेंस गरीबों या अन्य लोगों को कम भाड़े पर रोगियों को सेवा करने हेतु उपलब्ध कराया गया था,वह एम्बुलेंस जो रोगियों को सेवा करता,पर॑तु यह क्या वो खुद बिमारी हालत में मरना सन्न स्थिति में पड़ा हुआ, दुसरे को वाट जोह रहा है।

वही कुछ लोग नाम न छापने के सवाल पर कहा कि जहानाबाद का रेड क्रॉस सोसायटी की बात क्या कहना। यहां अपनी डफ़ली, अपनी राग अलापी जाती है। वही बताया गया कि कुछ दिनों पूर्व सोसायटी की गठन में क्या हुआ था,सभी जानते हैं। यह सोसायटी कुछ लोगों की मुट्ठी में कैद है।

मामला चाहे जो कुछ भी हो लेकिन इतना तो तय है कि रेड क्रॉस सोसायटी जहानाबाद में,जिसकी लाठी, उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ होती है।
यदि यैसा नहीं, तो फिर लाखों रुपए का एम्बुलेंस आखिर सोसायटी का शोभा बढ़ाते बढ़ाते खुद मरना सन्न स्थिति में कैसे पहुंच गया? यहां यह सवाल उठता है कि आखिर सोसायटी के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य सदस्य लोग एम्बुलेंस की सेवा लोगों तक क्यों नहीं पहुंचाया?

आखिर क्यों एम्बुलेंस सोसायटी में दम तोड़ती दिखाई पड़ रही है?
जबकी सोसायटी के सारे सदस्य बैठक भी करते हैं।
वही जिला प्रशासन को भी इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।